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India Employment Services: सुरक्षित नौकरी और पारदर्शी भर्ती की नई पहल

 02 Jul 2026

India Employment Services: भारत से हर साल लाखों लोग बेहतर रोजगार और करियर की तलाश में विदेशों का रुख करते हैं। लेकिन इस सफर के दौरान कई बार नौकरी का सपना फर्जी एजेंटों, अवैध भर्ती नेटवर्क और गलत जानकारी की वजह से मुश्किलों में बदल जाता है। इसी चुनौती से निपटने और भारतीय कामगारों के लिए सुरक्षित तथा कानूनी विदेश रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहली बार Human Resource Mobility Forum का आयोजन किया। 


यह दो दिवसीय कार्यक्रम 30 जून और 1 जुलाई को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित किया गया, जिसमें भारत सरकार के विभिन्न विभागों के साथ विदेशी सरकारों, अंतरराष्ट्रीय नियोक्ताओं और भर्ती एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

India Employment Services: सुरक्षित भर्ती व्यवस्था पर सरकार का फोकस 

Indian Workers Portalइस फोरम का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कानूनी बनाना था। सरकार चाहती है कि विदेश जाने वाले भारतीय किसी भी तरह के फर्जी एजेंट या अवैध भर्ती नेटवर्क के जाल में न फंसें और उन्हें पूरी प्रक्रिया के दौरान उचित सुरक्षा और मार्गदर्शन मिल सके। 

फोरम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले प्रत्येक भारतीय तक सही जानकारी पहुंचे और भर्ती का पूरा सिस्टम विश्वसनीय तथा नियमों के अनुरूप संचालित हो। इससे न केवल कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विदेशों में भारतीय श्रमिकों और पेशेवरों की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रखा सरकार का विजन

Labour Mobility Schemeकार्यक्रम का उद्घाटन विदेश मंत्री S. Jaishankar ने किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कानूनी मानव संसाधन गतिशीलता को मजबूत करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी होगी तो शोषणकारी प्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। 

विदेश मंत्री के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कुशल मानव संसाधन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए विभिन्न देशों के बीच बेहतर सहयोग आवश्यक है। ऐसे मंच भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई साझेदारियों को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली भारतीय पेशेवरों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

eMigrate 2.0 को बताया महत्वपूर्ण पहल 

अपने संबोधन के दौरान विदेश मंत्री ने eMigrate 2.0 पोर्टल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि India Employment Services के तहत यह प्लेटफॉर्म भारतीय नागरिकों को सुरक्षित, कानूनी और व्यवस्थित तरीके से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। 

इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि विदेश जाने वाले कामगारों को सही जानकारी मिल सके और किसी भी तरह की धोखाधड़ी की संभावना कम हो। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित व्यवस्था भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने में मदद करेगी।

पांच देशों के साथ हुई विशेष चर्चा 

फोरम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि भारत ने पांच देशों डेनमार्क, जर्मनी, इटली, जापान और रूस के साथ अलग-अलग सत्र आयोजित किए। इन सभी देशों के साथ भारत पहले से श्रम और मानव संसाधन गतिशीलता को लेकर विभिन्न समझौते या साझेदारियां कर चुका है। 

इन बैठकों के दौरान भारतीय कुशल कार्यबल की बढ़ती वैश्विक मांग, सुरक्षित भर्ती व्यवस्था, कानूनी रोजगार प्रक्रिया और भविष्य में उपलब्ध होने वाले नए अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि दोनों पक्ष मिलकर किस प्रकार भर्ती प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा भरोसेमंद बना सकते हैं।

दुनिया में बढ़ रही है भारतीय प्रतिभा की मांग 

वर्तमान समय में कई विकसित देशों में स्वास्थ्य सेवाओं, विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत के पास बड़ी संख्या में प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध है, जिसे वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। 

सरकार का प्रयास है कि भारतीय पेशेवर और कामगार इन अवसरों का लाभ पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित माध्यम से उठा सकें। India Employment Services के माध्यम से इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को संस्थागत रूप देने और विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सभी प्रमुख पक्ष पहली बार आए एक मंच पर

Human Resource Mobility Forum की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पहली बार विदेश मंत्रालय ने इस विषय से जुड़े सभी प्रमुख हितधारकों को एक ही मंच पर एकत्र किया। कार्यक्रम में सरकारी मंत्रालयों, विदेशी सरकारों, अंतरराष्ट्रीय नियोक्ताओं और भर्ती एजेंसियों ने भाग लेकर रोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।

इस दौरान सुरक्षित माइग्रेशन, कानूनी भर्ती, कौशल आधारित रोजगार और भविष्य की वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए गए। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत विदेशों में रोजगार के लिए अधिक व्यवस्थित और दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विदेश रोजगार को मिलेगा नया आधार 

Human Resource Mobility Forum का आयोजन इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार अब विदेशों में रोजगार के अवसरों को केवल बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी बनाने पर भी समान रूप से जोर दे रही है। 

eMigrate 2.0 जैसी डिजिटल व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विभिन्न देशों के साथ बढ़ती साझेदारियां भविष्य में भारतीय कामगारों और पेशेवरों के लिए विदेश में रोजगार का अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित रास्ता तैयार कर सकती हैं। इससे न केवल भारतीय नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि वैश्विक श्रम बाजार में भारत की भागीदारी भी और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

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