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Ram Temple Donation: चंपत राय बोले- टिन्नू यादव ने तोड़ा भरोसा

 30 Jun 2026

Ram Temple Donationअयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai ने पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखा। पूछताछ के दौरान उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे मामले में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही। उनका कहना था कि जैसे ही उन्हें चढ़ावे में गड़बड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई शुरू कराई, संदिग्धों की पहचान कराने में सहयोग दिया और FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित कराई।


सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने जांच अधिकारियों को बताया कि ट्रस्ट की ओर से चढ़ावे की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाती रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर उसे गंभीरता से लिया गया। गौरतलब है कि इस मामले में पहली FIR 25 जून को दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस और SIT ने जांच का दायरा लगातार बढ़ाया है।

Ram Temple Donation: 'टिन्नू यादव ने भरोसा तोड़ा' 

Tinnu Yadav Allegationपूछताछ के दौरान Champat Rai ने Tinnu Yadav का नाम लेते हुए कहा कि वह लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और उस पर भरोसा किया जाता था। उन्होंने कहा कि किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति पर जिम्मेदारी सौंपी गई है, वही कथित रूप से ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। 

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि Tinnu Yadav की कथित भूमिका सामने आने के बाद उन्हें भी गहरा झटका लगा। उनके मुताबिक, जिस व्यक्ति पर विश्वास किया गया, उसी ने उस भरोसे को तोड़ दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि कथित हेराफेरी में उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं रही।

नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार, लेकिन आरोपों से किया इनकार 

सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान Champat Rai ने यह स्वीकार किया कि ट्रस्ट के महासचिव होने के नाते चढ़ावे की व्यवस्था सही ढंग से संचालित हो, इसकी नैतिक जिम्मेदारी उनकी थी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने का अर्थ यह नहीं है कि वे कथित गड़बड़ी में शामिल थे। 

उन्होंने जांच एजेंसियों से कहा कि जैसे ही उन्हें अनियमितताओं की जानकारी मिली, उन्होंने मामले को दबाने के बजाय तत्काल आवश्यक कदम उठाए और जांच में पूरा सहयोग दिया। उनका दावा है कि यदि उन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती तो मामला सामने आने में और देर हो सकती थी।

भर्ती प्रक्रिया पर भी उठे सवाल 

जांच के दौरान पुलिस ने केवल चढ़ावे की कथित हेराफेरी तक ही सवाल सीमित नहीं रखे, बल्कि Ram Temple Donation से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी ली। अधिकारियों ने पूछा कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को काम पर रखने का निर्णय किस आधार पर लिया गया।

इस सवाल के जवाब में चंपत राय ने बताया कि कई जरूरतमंद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्हें अवसर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की सहमति से लिया गया था। उन्होंने इस संदर्भ में ट्रस्ट सदस्य Dr. Anil Mishra और Gopal Rao का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि नियुक्तियों से जुड़े निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते थे और किसी एक व्यक्ति को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

एसआईटी बयान और साक्ष्यों का कर रही मिलान

मामले की जांच कर रही SIT और पुलिस अब Champat Rai Statement को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के साथ मिलाकर जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना और यह पता लगाना है कि कथित हेराफेरी में किसकी क्या भूमिका रही।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य सबूतों का भी विश्लेषण कर रही हैं ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

आठों आरोपी न्यायिक हिरासत में 

इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें Tinnu Yadav भी शामिल हैं। अब सभी आरोपियों को 13 जुलाई को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने नकदी, कुछ आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे। पुलिस इन बरामद सामग्रियों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका कथित हेराफेरी से कोई संबंध है या नहीं।

जांच पर टिकी सबकी नजर

Ram Temple Donation मामले ने धार्मिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर चर्चा को जन्म दिया है। एक ओर ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai ने खुद को निर्दोष बताते हुए Tinnu Yadav पर भरोसा टूटने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर SIT और पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।

अब सभी की नजर आगामी जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां अब तक जुटाए गए सबूतों और बयानों के आधार पर मामले की दिशा और आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल जांच एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की गहन पड़ताल में जुटी हुई हैं।

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