Yogi Adityanath Announcement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मुरादाबाद दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि शहर के लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर Dau Dayal Khanna नगर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह निर्णय राम जन्मभूमि आंदोलन के शुरुआती दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले Dau Dayal Khanna के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है। खास बात यह है कि Dau Dayal Khanna कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रहे थे, लेकिन राम मंदिर आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें अलग पहचान दिलाती है।
Yogi Adityanath Announcement: मुरादाबाद के कार्यक्रम में की गई घोषणा
Moradabad Area Renamed: सोमवार को मुरादाबाद में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने यह घोषणा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि Dau Dayal Khanna ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को समर्पित किया और उनके प्रयासों को आज भी याद किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का सम्मान करना सरकार का दायित्व है, जिन्होंने समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।
राम जन्मभूमि आंदोलन में निभाई थी अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में Dau Dayal Khanna के राजनीतिक और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1983 में जब महंत
Avaidyanath के नेतृत्व में श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ था, तब Dau Dayal Khanna को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। महंत
Avaidyanath समिति के अध्यक्ष थे, जबकि खन्ना संगठन के प्रमुख पद पर रहकर आंदोलन को संगठित स्वरूप देने में जुटे रहे।
CM Yogi ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन की प्रारंभिक रणनीति और उसके विस्तार में Dau Dayal Khanna की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसी योगदान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुरादाबाद के लाइनपार क्षेत्र का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया है।
365 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
मुरादाबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री
Yogi Adityanath ने केवल नाम परिवर्तन की घोषणा ही नहीं की, बल्कि जिले के विकास के लिए भी कई योजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने 365 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में सड़क, आधारभूत ढांचे, शहरी सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से मुरादाबाद के विकास को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
शिक्षा और आधुनिक विकास पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरादाबाद अब केवल पीतल उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए यहां के विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जिले का अपना विश्वविद्यालय होने से युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर में चौड़ी सड़कों का निर्माण, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का विस्तार और आधुनिक सुविधाओं का विकास मुरादाबाद की नई पहचान बन रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
कौन थे दाऊ दयाल खन्ना?
Dau Dayal Khanna का जन्म नवंबर 1910 में मुरादाबाद के अताई स्ट्रीट क्षेत्र में हुआ था। युवावस्था से ही वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे। उन्होंने शहर में यूथ लीग की स्थापना की और वर्ष 1930, 1940 तथा 1942 के सत्याग्रह आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने कांग्रेस के नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई और उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के पद की जिम्मेदारी भी संभाली। हालांकि, उनकी पहचान केवल एक राजनेता तक सीमित नहीं रही। बाद के वर्षों में वे राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
1983 में रखा था ऐतिहासिक प्रस्ताव
वर्ष 1983 में मुरादाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान
Dau Dayal Khanna ने सार्वजनिक रूप से यह प्रस्ताव रखा था कि हिंदू समाज को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और काशी के विश्वनाथ मंदिर को लेकर संगठित प्रयास करने चाहिए।
इस विचार ने आगे चलकर राम जन्मभूमि आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बताया जाता है कि उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें इस विषय पर विचार करने का आग्रह किया गया था।
1984 के सम्मेलन से आंदोलन को मिली नई दिशा
Dau Dayal Khanna के विचारों को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 1984 में मुजफ्फरनगर में एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में उन्होंने आधिकारिक रूप से राम जन्मभूमि की मुक्ति का प्रस्ताव रखा। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष महंत Avaidyanath बनाए गए, जबकि Dau Dayal Khanna को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
यही समिति आगे चलकर राम जन्मभूमि आंदोलन की प्रमुख संगठनों में शामिल हुई और आंदोलन को संगठित स्वरूप देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
योगदान को स्थायी पहचान देने की पहल
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का कहना है कि Dau Dayal Khanna का योगदान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में भी याद किया जाना चाहिए जिन्होंने अपने विचारों और सक्रिय भूमिका के जरिए राम जन्मभूमि आंदोलन को शुरुआती दौर में दिशा देने का प्रयास किया। इसी उद्देश्य से मुरादाबाद के लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर Dau Dayal Khanna नगर रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान से परिचित हो सकें।