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Maharashtra में महिला किसानों को मिलेगा स्वतंत्र किसान का दर्जा

 27 Jun 2026

Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की महिला किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक, 2026’ के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य उन महिलाओं को कानूनी रूप से स्वतंत्र किसान के तौर पर पहचान देना है, जो लंबे समय से कृषि कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन औपचारिक मान्यता से वंचित थीं। यह विधेयक आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।


Maharashtra: महिला किसानों को मिलेगा 'महिला किसान प्रमाण-पत्र'

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, Maharashtra में कृषि कार्यों में महिलाओं की भागीदारी 81 प्रतिशत से अधिक है। बावजूद इसके, उन्हें अब तक कई सरकारी योजनाओं और लाभों का पूरा फायदा नहीं मिल पाता था, क्योंकि उनके पास किसान के रूप में कानूनी पहचान नहीं होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार अब 'Woman Farmer Certificate' जारी करने की तैयारी में है। इस प्रमाण-पत्र के जरिए महिलाओं को किसान के रूप में औपचारिक मान्यता मिलेगी, जिससे वे किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि सब्सिडी, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त कर सकेंगी।

डेयरी, पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियां भी दायरे में

इस विधेयक में कृषि की परिभाषा को भी व्यापक किया गया है। अब केवल पारंपरिक खेती ही नहीं, बल्कि डेयरी, मछली पालन और पशुपालन जैसी कृषि से जुड़ी गतिविधियों में लगी महिलाओं को भी किसान की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही बटाईदार, खेतिहर मजदूर और मौसमी कृषि कार्यों में लगी महिलाओं को भी इस योजना के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है, ताकि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी पहचान और लाभ मिल सके।

‘महिला किसान कोष’ और डिजिटल डेटाबेस का प्रावधान

विधेयक के तहत ‘Maharashtra State Women Farmers' Fund’ बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। यह कोष महिला किसानों के कल्याण, प्रशिक्षण और सहायता योजनाओं को मजबूत करने में उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसमें राज्य की सभी महिला किसानों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। यह डेटाबेस अन्य सरकारी विभागों से भी जुड़ा होगा ताकि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।

प्रशासनिक स्तर पर सहायता अधिकारी की नियुक्ति 

सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि जिला और तालुका स्तर पर ‘Woman Farmer Support Officer’ नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्राप्त करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में मदद करेंगे।

महिलाओं को मिलेगी आर्थिक और सामाजिक मजबूती

मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस विधेयक को कृषि क्षेत्र में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह कानून लाखों महिला किसानों को स्वतंत्र पहचान, अधिकार और अवसर प्रदान करेगा। सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से महिला किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

कुल मिलाकर यह प्रस्तावित कानून Maharashtra में कृषि क्षेत्र को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे महिला किसानों को वह पहचान और अधिकार मिल सकेंगे जिसके वे लंबे समय से हकदार रहे हैं।