VB-G RAM G Scheme: पंजाब सरकार ने केंद्र की नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM G (Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगी।
इस योजना के लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। इसे ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
VB-G RAM G Scheme: पंजाब सरकार ने पहले किया गया था विरोध
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब सरकार ने पहले इसी योजना के खिलाफ रुख अपनाया था। राज्य सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र की इस नई व्यवस्था का विरोध किया था। उस समय सरकार का कहना था कि यह नया कानून ग्रामीण मजदूरों, अनुसूचित जाति समुदायों और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
पंजाब के साथ-साथ कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और झारखंड जैसे विपक्ष शासित राज्यों ने भी इस योजना का विरोध करते हुए पुराने MGNREGA सिस्टम को बनाए रखने की मांग की थी।
MGNREGA से VB-G RAM G तक बदलाव
यह नई योजना केंद्र सरकार द्वारा पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाई गई है। MGNREGA की शुरुआत वर्ष 2005 में तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी।
अब केंद्र सरकार ने इस ढांचे में बदलाव करते हुए VB-G RAM G योजना लागू की है, जिसके तहत रोजगार की गारंटी बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इसे ग्रामीण रोजगार नीति में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार का दावा और उद्देश्य
केंद्र सरकार का कहना है कि यह नई योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी। सरकार के अनुसार इस योजना के तहत जल संरक्षण, सड़क निर्माण, पुल, छोटे पुलिया, स्कूल भवन और आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण जैसे कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इस योजना को ग्रामीण मजदूरों के जीवन में एक नए युग की शुरुआत बताया है। उनका कहना है कि इस योजना से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी मजदूर काम के बिना न रहे और उसे समय पर मजदूरी मिले।
वित्तीय प्रावधान और बजट
केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया है। इसके साथ ही पहले से ही MGNREGA के अंतर्गत लगभग 30,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा चुका है।
इस प्रकार कुल मिलाकर ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि यह राशि ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के लिए ऐतिहासिक निवेश है।
राज्यों की चिंताएं और विरोध के कारण
विपक्षी दलों और कई राज्यों की सरकारों का कहना है कि नई योजना से पुराने MGNREGA की तुलना में कुछ बदलाव ग्रामीण मजदूरों के हितों पर असर डाल सकते हैं। उनका तर्क है कि कमजोर आर्थिक वर्ग, खासकर अनुसूचित जाति और निर्धन ग्रामीण परिवार, इस बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि वे लंबे समय से MGNREGA पर निर्भर रहे हैं।
पंजाब सरकार ने भी इसी आधार पर पहले इस योजना का विरोध किया था और इसे लेकर विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था। सरकार का मानना था कि इससे रोजगार की स्थिरता और पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है।
केंद्र का पक्ष और भविष्य की उम्मीदें
केंद्र सरकार ने इन सभी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि VB-G RAM G योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है। सरकार का दावा है कि यह योजना केवल रोजगार ही नहीं बल्कि टिकाऊ ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देगी।
Shivraj Singh Chouhan
ने कहा कि इस योजना के लागू होने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से होगा।
1 जुलाई से लागू होगी योजना
सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के साथ पंजाब में भी लागू हो जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब देखना यह होगा कि राज्यों के विरोध और चिंताओं के बीच यह नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होती है और ग्रामीण मजदूरों को इसका वास्तविक लाभ कितना मिलता है।