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मोदी सरकार में पहला इस्तीफा: जॉर्ज कुरियन ने छोड़ा पद, संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चा
24 Jun 2026
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा
मोदी सरकार 3.0 में इस्तीफे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर तुरंत मंजूर कर लिया। यह कदम राजनीतिक हलकों में मंत्रिपरिषद में संभावित बदलावों के संकेत देता है।
कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया, और उन्हें भाजपा द्वारा दोबारा नामांकित नहीं किया गया। संविधान के अनुसार, संसद सदस्य न रहने पर मंत्री पद छोड़ना अनिवार्य होता है, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया।
राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के तुरंत बाद, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस बैठक को साधारण नहीं माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो चुकी थीं। सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात मंत्रिपरिषद में व्यापक बदलाव की तैयारी का संकेत देती है।
राष्ट्रपति भवन ने इस मुलाकात की तस्वीरें साझा की हैं, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई हैं। माना जा रहा है कि संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले बड़ा फेरबदल किया जा सकता है।
संभावित नए चेहरे और बदलाव
कैबिनेट फेरबदल में कुछ नए चेहरों के शामिल होने की संभावना है। चर्चा है कि तरुण चुघ और राघव चड्ढा जैसे नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से भी नए प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव की अटकलें भी हैं। रवनीत सिंह बिट्टू और पंकज चौधरी जैसे नेताओं का नाम भी फेरबदल में शामिल होने की चर्चा में है।
फेरबदल के पीछे के कारण
मंत्रिपरिषद में फेरबदल का मुख्य उद्देश्य संसद के मॉनसून सत्र की तैयारी, 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीति और 'एक व्यक्ति, एक पद' नीति का पालन करना है। भाजपा विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों से नए चेहरों को शामिल करने की योजना बना रही है।
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा औपचारिक था, फिर भी पीएम मोदी की राष्ट्रपति से मुलाकात ने इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर फेरबदल की पुष्टि नहीं हुई है।
जॉर्ज कुरियन की पृष्ठभूमि
जॉर्ज कुरियन का जन्म 1960 में केरल के कोट्टायम में हुआ था। वे सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और 1980 से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के वाइस चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया है।
उन्हें 9 जून 2024 को मोदी सरकार 3.0 में मंत्री बनाया गया था, और उनकी भूमिका अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी थी।