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Delhi Worker Health: सरकार देगी 10 लाख तक का कैशलेस इलाज

 24 Jun 2026

Delhi Worker Health: दिल्ली सरकार ने राजधानी के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक नई स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत पंजीकृत निर्माण मजदूरों और उनके आश्रितों को बिना किसी खर्च के इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से लाखों श्रमिक परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।


Delhi Worker Health: 2.70 लाख निर्माण श्रमिकों को मिलेगा लाभ 

Cashless Treatment Schemeसरकार द्वारा शुरू की गई ‘दिल्ली भवन एवं निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना’ का लाभ दिल्ली में पंजीकृत करीब 2.70 लाख निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को मिलेगा। इस योजना का पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। इसके लिए हर साल लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।

सरकार का कहना है कि निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर अक्सर कठिन और जोखिम भरे वातावरण में काम करते हैं। ऐसे में उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस विशेष स्वास्थ्य योजना को लागू किया गया है।

व्यक्तिगत और पारिवारिक इलाज की अलग सीमा

Ten Lakh Insuranceनई योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत निर्माण श्रमिक को सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना 2 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। वहीं, यदि पूरे परिवार की बात करें तो स्वास्थ्य कवर की सीमा 10 लाख रुपये तक तय की गई है। सबसे खास बात यह है कि इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा। यानी लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होने या उपचार के दौरान अपनी जेब से कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इलाज का पूरा भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा।

परिवार के सदस्य भी होंगे शामिल 

योजना का दायरा सिर्फ श्रमिकों तक सीमित नहीं रखा गया है। सरकार ने उनके परिवार को भी इसमें शामिल किया है। इसके तहत श्रमिक के पति या पत्नी, बच्चे और माता-पिता भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि निर्माण श्रमिकों का परिवार भी आर्थिक और सामाजिक रूप से कई चुनौतियों का सामना करता है। इसलिए स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पूरे परिवार तक पहुंचाना जरूरी है। योजना के अंतर्गत सभी पात्र परिवारजनों को भी कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

गंभीर बीमारियों के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच भी

यह योजना केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्वास्थ्य निगरानी और रोकथाम पर भी जोर दिया जाएगा। इसके तहत पंजीकृत श्रमिक और उनके जीवनसाथी की हर वर्ष मुफ्त स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि समय पर जांच होने से कई गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में ही हो सकेगी, जिससे इलाज आसान और प्रभावी होगा। इसके अलावा गंभीर रोगों के उपचार की सुविधा भी इस योजना में शामिल की गई है।

मजदूरों तक पहुंचेगी मोबाइल मेडिकल यूनिट

निर्माण स्थलों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए Delhi Worker Health के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट्स भी तैनात की जाएंगी। इन मेडिकल वैन के माध्यम से डॉक्टरों की सलाह, प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा भी शुरू की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में मजदूर और उनके परिवार तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

योजना के तहत मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं 

नई स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल की गई हैं। इनमें—

मुफ्त ओपीडी और आईपीडी उपचार 
सभी जरूरी जांच और लैब टेस्ट बिना शुल्क 
आपातकालीन चिकित्सा सहायता 
जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पताल में रेफरल सुविधा
मोबाइल मेडिकल वैन के जरिए डॉक्टर और दवा की उपलब्धता 
वार्षिक स्वास्थ्य जांच 
24x7 हेल्पलाइन सेवा 
गंभीर बीमारियों का उपचार 
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा

हर लाभार्थी का बनेगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड 

सरकार ने योजना के बेहतर संचालन और पारदर्शिता के लिए डिजिटल व्यवस्था पर भी जोर दिया है। प्रत्येक लाभार्थी का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके जरिए मरीज के स्वास्थ्य संबंधी इतिहास और इलाज का पूरा विवरण सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही एक आधुनिक Tracking System भी विकसित किया जाएगा, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखी जा सकेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकेगा।

क्यों जरूरी थी यह योजना? 

मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को रोजाना कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ता है। पत्थर काटने से निकलने वाली धूल, रासायनिक पदार्थों का संपर्क, भारी मशीनों का इस्तेमाल और अत्यधिक शोर उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालते हैं, इसलिए Delhi Worker Health को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है।

इन परिस्थितियों के कारण श्रमिकों में सिलिकोसिस, सांस संबंधी रोग, त्वचा की बीमारियां और अन्य व्यावसायिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय से इस वर्ग के लिए व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की मांग की जा रही थी। सरकार का कहना है कि नई योजना इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू की गई यह स्वास्थ्य योजना न केवल उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान करेगी।

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