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Assam Hospital Policy: तीन से ज्यादा बच्चों पर फ्री जांच बंद

 23 Jun 2026

Assam Hospital Policyअसम में जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े नियमों के तहत एक नया और विवादित कदम सामने आया है। राज्य के बारपेटा जिले के एक सरकारी अस्पताल ने फैसला किया है कि अब उन महिलाओं को Free Diagnostic जांच की सुविधा नहीं दी जाएगी, जिनके तीन से अधिक बच्चे हैं या जो चौथी बार गर्भवती हैं। यह नियम 1 जुलाई से लागू होगा। इस निर्णय के बाद यह मुद्दा राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया है।


Assam Hospital Policy: बारपेटा FRU अस्पताल में लागू हुआ नया नियम

Women Three Childrenयह निर्णय बारपेटा रोड स्थित First Referral Unit (FRU) अस्पताल की मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में लिया गया। हाल ही में अस्पताल में एक नई अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी, जिसके बाद समिति की बैठक आयोजित की गई। इसी बैठक में तय किया गया कि अब तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को मुफ्त जांच सुविधा नहीं दी जाएगी। 

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह कदम सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं के दबाव को संतुलित करने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि उपलब्ध सुविधाओं का प्राथमिक उपयोग उन मरीजों के लिए होना चाहिए जिन्हें अधिक जरूरत है।

विधायक और स्पीकर ने दिया नीति विस्तार का सुझाव 

इस फैसले की जानकारी बारपेटा के स्थानीय विधायक और असम विधानसभा के स्पीकर Ranjeet Kumar Dass ने दी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने असम के स्वास्थ्य मंत्री Ashok Singhal को सुझाव दिया कि इस नियम को राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लागू करने पर विचार किया जाए। उनका कहना है कि यदि इस तरह की नीति पूरे राज्य में लागू होती है तो इससे जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकता है।

जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया कदम

समिति और समर्थन करने वाले अधिकारियों का मानना है कि लगातार बढ़ती जनसंख्या सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव डालती है। ऐसे में संसाधनों का सही और संतुलित वितरण आवश्यक है। इसी सोच के तहत यह नया नियम लागू किया गया है। हालांकि, इस फैसले को लेकर समाज में अलग-अलग राय सामने आने लगी है। कुछ लोग इसे जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में एक व्यावहारिक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं।

असम की पहले से चल रही दो-बच्चों की नीति 

गौरतलब है कि असम सरकार पहले से ही ‘दो-बच्चों के नियम’ को सख्ती से लागू करने की दिशा में काम कर रही है। दिसंबर 2025 में इस नीति को और मजबूत करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत सरकारी नौकरियों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लाभ और पंचायत व नगरपालिका चुनावों में भाग लेने के लिए अधिकतम दो बच्चों की शर्त अनिवार्य कर दी गई है। 

राज्य सरकार ने 2017 की जनसंख्या और महिला सशक्तिकरण नीति में संशोधन कर Assam Hospital Policy के तहत इस नियम को और सख्त बनाया था। यह संशोधन दिसंबर 2025 में अधिसूचना जारी होने के बाद लागू हुआ।

कुछ समुदायों को मिली छूट 

इस Assam Hospital Policy के तहत कुछ विशेष समुदायों को छूट भी दी गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, चाय बागान जनजाति और मटक-मोरन समुदाय को इस नियम से राहत दी गई है। इन समुदायों के लोग तीन बच्चों तक भी सरकारी नौकरी, चुनाव और सरकारी योजनाओं के लिए पात्र बने रहेंगे।

फिलहाल यह नया नियम केवल बारपेटा के FRU अस्पताल में लागू किया गया है, लेकिन इसे पूरे राज्य में लागू करने की सिफारिश ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। एक तरफ इसे जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में कदम माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच को प्रभावित करने वाला फैसला भी बताया जा रहा है।

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