NEET UG Re-Exam: नीट-UG 2026 री-एग्जाम के सफल, सुरक्षित और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए National Testing Agency (NTA) ने व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को देशभर में एक बड़े स्तर पर Mock Drill आयोजित की जा रही है। यह अभ्यास सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा, जिसमें परीक्षा से जुड़ी हर प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जाएगी।
इस बार NEET परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक बन जाती है। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना NTA के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।
NEET UG Re-Exam: 551 शहरों और 5000 से अधिक केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्था
Nationwide Exam Preparation: NTA द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए 5000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह High-Security Zone घोषित किया गया है।
अब तक 18.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने Download Admit Card कर चुके हैं, जबकि लगभग 3.5 लाख उम्मीदवारों ने अपने परीक्षा शहर या केंद्र में बदलाव का विकल्प चुना है। इससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में भारी सक्रियता और तैयारी जारी है।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू, लाखों कर्मियों की तैनाती
इस बार परीक्षा को किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत बनाया गया है। NTA के अनुसार:
परीक्षा संचालन में 2 लाख से अधिक कर्मी शामिल होंगे
674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं
2 से 2.5 लाख पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे
15,000 अर्धसैनिक बल कर्मी प्रश्नपत्र और OMR शीट के परिवहन में लगाए गए हैं
15,000 सिग्नल जैमर परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए हैं
लगभग 1.5 लाख CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी
इन सभी उपायों का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह नकल-मुक्त और सुरक्षित बनाना है।
GPS ट्रैकिंग और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम निगरानी
परीक्षा सामग्री जैसे प्रश्नपत्र और OMR शीट को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। सभी वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा, सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी NTA मुख्यालय और केंद्रीय कंट्रोल रूम से रियल-टाइम में की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर Centre Superintendent और
Invigilator की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा का निर्णय
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन इसके बाद कई राज्यों से Paper Leak और अनियमितताओं के आरोप सामने आए। कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलने की शिकायतें भी मिलीं।
जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद NTA ने 12 मई को उस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर NEET UG Re-Exam कराने का फैसला लिया गया।
मॉक ड्रिल में सभी व्यवस्थाओं की होगी बारीकी से जांच
NTA Mock Drill: NTA ने स्पष्ट किया है कि शनिवार को होने वाली मॉक ड्रिल का उद्देश्य पूरी परीक्षा प्रणाली की तैयारी को परखना है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, परिवहन व्यवस्था, कंट्रोल रूम संचालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच की जाएगी।
यह ड्रिल सुनिश्चित करेगी कि 21 जून को होने वाली परीक्षा बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
अफवाहों से बचने की अपील और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
NTA ने छात्रों और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों या फर्जी संदेशों से बचें। संस्था ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना को समय रहते रोका जा सके।
संदिग्ध गतिविधियों या संदेशों की जानकारी तुरंत NTA या साइबर क्राइम एजेंसियों को देने की सलाह भी दी गई है।
NEET-UG Re-Exam को लेकर देशभर में अभूतपूर्व सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी की जा रही है। मॉक ड्रिल से लेकर Multi-Layer Security System तक, हर स्तर पर यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।