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FATF India Fight: विवेक अग्रवाल बने उपाध्यक्ष, भारत को बड़ी उपलब्धि

 20 Jun 2026

FATF India Fight: भारत ने वैश्विक मंच पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पहली बार देश को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी संस्था FATF (Financial Action Task Force) में उपाध्यक्ष (Vice President) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी Vivek Agarwal को इस प्रतिष्ठित पद के लिए चुना गया है। वे जुलाई 2026 से जून 2027 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। 

यह फैसला FATF की पेरिस स्थित मुख्यालय में हुई हालिया Plenary Meeting के समापन पर लिया गया, जहां संगठन के नए नेतृत्व ढांचे की घोषणा की गई। वर्तमान उपाध्यक्ष UK के Giles Thomson का कार्यकाल 1 जुलाई 2025 से जारी है, और अब उनके स्थान पर Vivek Agarwal इस पद को संभालेंगे।

FATF India Fight: भारत के लिए वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि 

Terror Funding Battle: भारत 2010 से FATF का सक्रिय सदस्य रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब किसी भारतीय अधिकारी को संगठन के शीर्ष नेतृत्व में स्थान मिला है। विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय को भारत की बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक जीत के रूप में देखा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह भारत के उस मजबूत वैश्विक रुख का प्रतीक है जिसमें आतंकवाद की फंडिंग और Money Laundering जैसी गतिविधियों के खिलाफ 'Zero Tolerance' की नीति अपनाई गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह भारत के लिए 'एक बड़ी जीत' है। उन्होंने यह भी कहा कि यह नेतृत्व भूमिका वैश्विक आतंकवादी Financing Network से निपटने और अवैध वित्तीय प्रणालियों को समाप्त करने के प्रयासों को और मजबूती देगी।

कौन हैं विवेक अग्रवाल?

Vivek Agarwal 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर से आते हैं। वे वर्तमान में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक और महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने पहले वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit - FIU) के निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा, वे FATF में भारत की प्रतिनिधि टीम का नेतृत्व भी कर चुके हैं, जिससे उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय संस्था के कार्य संचालन और नीतिगत ढांचे की गहरी समझ है। 

उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से वित्तीय अपराधों, अंतरराष्ट्रीय Money Laundering Network और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने से जुड़े क्षेत्रों में मानी जाती है। इसी अनुभव के आधार पर उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

FATF में भारत की भूमिका और महत्व 

FATF एक अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माण संस्था है जो दुनिया भर में Money Laundering और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए वैश्विक मानक तय करती है। यह संस्था विभिन्न देशों की वित्तीय प्रणालियों की निगरानी करती है और उन्हें पारदर्शिता एवं सुरक्षा के मानकों पर परखती है।

भारत इस संस्था का 2010 से सदस्य है और तब से लगातार इसकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पिछले वर्षों में भारत ने वित्तीय पारदर्शिता, डिजिटल ट्रांजैक्शन सुरक्षा और आतंकवाद वित्तपोषण रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। FATF India fight के तहत Vivek Agarwal की नियुक्ति को भारत की इन्हीं नीतियों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार और विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया 

इस नियुक्ति के बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसे भारत की कूटनीतिक उपलब्धि बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह पद भारत के उस दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा, जिसमें वैश्विक वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और समावेशी बनाने पर जोर दिया गया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि एक भारतीय अधिकारी का FATF के शीर्ष नेतृत्व में पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि भारत अब वैश्विक आर्थिक सुरक्षा ढांचे में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

विवेक अग्रवाल का बयान 

नियुक्ति के बाद Vivek Agarwal ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि भारत की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों और देश की मजबूत वित्तीय प्रणाली का परिणाम है। FATF India fight के तहत उन्होंने कहा कि वे FATF के साथ मिलकर वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सभी देशों के लिए प्रभावी बनाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका 

यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर वित्तीय अपराध और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में FATF जैसे संगठन में भारत की नेतृत्व भूमिका न केवल देश की छवि को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक नीतियों पर भी भारत के प्रभाव को बढ़ाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में भारत को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नीति निर्धारण में और अधिक प्रभावशाली बनाएगा।

FATF में Vivek Agarwal की उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह न केवल देश की कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा व्यवस्था में भारत की बढ़ती निर्णायक भूमिका को भी स्थापित करता है।