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Karnataka MLC Polls: कांग्रेस की बढ़त, BJP-JDS को बड़ा झटका।

 19 Jun 2026

Karnataka MLC Polls: कर्नाटक में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। 7 सीटों के लिए हुए इस मुकाबले में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को केवल 2 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में जनता दल सेक्युलर (JDS) को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा और उसका एक भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका।


इन नतीजों के बाद राज्य की विधान परिषद में सीटों का संतुलन भी बदल गया है। कांग्रेस की संख्या बढ़कर अब 39 हो गई है, जबकि BJP की ताकत घटकर 28 रह गई है। JDS को भी नुकसान हुआ है और उसकी संख्या घटकर केवल 6 रह गई है। यह बदलाव राज्य की सत्ता समीकरणों में कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत करता दिखाई दे रहा है।

Karnataka MLC Polls: 7 सीटों के लिए 8 उम्मीदवारों में मुकाबला

विधान परिषद की इन 7 सीटों के लिए कुल 8 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। मतदान विधान सौधा (विधानसभा भवन) में कराया गया, जिसमें राज्य के विधायकों ने हिस्सा लिया। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इनमें से कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा था।

कांग्रेस ने अपने 5 उम्मीदवारों पर भरोसा जताया था, जिनमें बी.के. हरिप्रसाद (KPCC अध्यक्ष), थिप्पन्नाप्पा कामकनूर, पी.वी. मोहन, बी.एस. शिवन्ना और विनय कार्तिक प्रकाश शामिल थे। BJP ने लिंगराज पाटिल और रघु आर. को मैदान में उतारा था, जबकि JDS की ओर से गोविंदराजू उम्मीदवार थे।

कांग्रेस को मिली निर्णायक जीत, 5 उम्मीदवार विजयी

Congress Wins Five: मतगणना के बाद कांग्रेस के सभी पांचों उम्मीदवार विजयी घोषित हुए। बी.के. हरिप्रसाद को 30 वोट मिले, थिप्पन्नाप्पा कामकनूर को भी 30 वोट प्राप्त हुए। पी.वी. मोहन को 29 वोट मिले, बी.एस. शिवन्ना को 30 वोट हासिल हुए और सबसे अधिक 32 वोट विनय कार्तिक प्रकाश को मिले, जिन्हें मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar का करीबी माना जाता है।

कांग्रेस की यह जीत संगठनात्मक मजबूती और विधायकों के समर्थन का संकेत मानी जा रही है। पार्टी के अंदरूनी स्तर पर भी इसे एक सकारात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला था।

BJP के 2 उम्मीदवार जीते, लेकिन एक वोट अमान्य

BJP के दोनों उम्मीदवार भी जीतने में सफल रहे, लेकिन उनकी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। रघु आर. को 29 वोट मिले, हालांकि इनमें से एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया। Lingaraj Patil को 27 वोट प्राप्त हुए। हालांकि वे निर्धारित कोटे (27.63 वोट) तक सीधे नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन बाद में Elimination Round के जरिए उन्हें विजेता घोषित किया गया।

JDS को बड़ा झटका, सिर्फ 14 वोट मिले 

Karnataka MLC Polls में JDS के लिए परिणाम बेहद निराशाजनक रहे। पार्टी के उम्मीदवार Govindaraju को केवल 14 वोट ही प्राप्त हुए, जिसके चलते वह मुकाबले से बाहर हो गए। यह नतीजा पार्टी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में JDS का एक निश्चित जनाधार माना जाता है।

क्रॉस वोटिंग ने बदला पूरा खेल

इस पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा Cross-Voting की रही। सूत्रों के मुताबिक BJP के लगभग 3 विधायकों और JDS के करीब 8 विधायकों ने कथित तौर पर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाले। इसके अलावा BJP के एक विधायक का वोट अमान्य घोषित कर दिया गया। इसी Cross-Voting का असर था कि कांग्रेस को अनुमान से कहीं अधिक वोट मिले। जहां पार्टी को करीब 140 वोट मिलने की उम्मीद थी, वहां उसे 151 वोट प्राप्त हुए, यानी लगभग 11 वोट ज्यादा। यह अतिरिक्त समर्थन चुनाव के परिणामों में निर्णायक साबित हुआ।

जीत का कोटा और मतदान का गणित 

इस चुनाव में जीत के लिए आवश्यक कोटा 27.63 वोट तय किया गया था। इसी आधार पर उम्मीदवारों का चयन हुआ। कांग्रेस के सभी उम्मीदवार इस कोटे को पार करने में सफल रहे, जबकि BJP के एक उम्मीदवार को Elimination प्रक्रिया से जीत मिली। सूत्रों के अनुसार, मतदान प्रक्रिया में गुप्त मतदान होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस विधायक ने किसे वोट दिया, लेकिन Cross-Voting के संकेत परिणामों से साफ दिखाई दिए।

शिवकुमार का बयान और राजनीतिक संदेश

D.K. Shivakumar Victory: Cross-Voting के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar ने कहा कि उन्होंने किसी भी विपक्षी विधायक से समर्थन नहीं मांगा था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि किसने किसके पक्ष में वोट दिया, क्योंकि पूरी प्रक्रिया गुप्त मतदान के माध्यम से हुई थी।

राजनीतिक असर और आगे की तस्वीर

Karnataka MLC Polls के नतीजों को कर्नाटक की राजनीति में कांग्रेस की बढ़ती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। जहां BJP को आंतरिक असंतोष और Cross-Voting का झटका लगा है, वहीं JDS के लिए यह परिणाम चिंताजनक संकेत लेकर आया है। कुल मिलाकर, इस विधान परिषद चुनाव ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नया रूप दे दिया है और कांग्रेस को विधान परिषद में और अधिक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।