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Ayodhya Temple Donation में कथित अनियमितता की SIT जांच तेज, पूछताछ जारी

 18 Jun 2026

Ayodhya Temple Donationरामलला मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरा प्रकरण और अधिक गंभीर होता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए लगातार पूछताछ कर रहा है। अब जांच की आंच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और मंदिर व्यवस्था की निगरानी से जुड़े प्रमुख जिम्मेदार Dr. Anil Kumar Mishra तक पहुंचती दिख रही है।


सूत्रों के अनुसार, संभावना जताई जा रही है कि गुरुवार को Dr. Anil Mishra एसआईटी के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। जांच टीम उनसे मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं, चढ़ावे की गणना और निगरानी प्रणाली से जुड़े सवालों पर विस्तृत पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि उनकी भूमिका इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मंदिर के चढ़ावे की देखरेख और उसका रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी व्यवस्था के स्तर पर उन्हीं से जुड़ी बताई जाती है।

Ayodhya Temple Donation: टिन्नू यादव के आरोपों से बढ़ा मामला

Gold Donation Fraudइस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब मुख्य आरोपी Ramshankar Yadav उर्फ Tinnu Yadav ने पूछताछ के दौरान कई अहम बयान दिए। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने टिन्नू से पूरे दिन गहन पूछताछ की थी। टिन्नू पहले ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai के ड्राइवर के रूप में कार्य कर चुका है। 

पूछताछ के दौरान Tinnu ने Dr. Anil Mishra की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उसके बयानों के बाद जांच एजेंसी ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए अब अनिल मिश्रा से सीधे पूछताछ करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि उनके बयान इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकते हैं और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट कर सकते हैं।

जांच का फोकस प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी पर

Ram Mandir Investigationएसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गणना, सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही थी। जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस यह समझने पर है कि क्या इस दौरान किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही हुई या फिर व्यवस्था में कोई ऐसी खामी थी, जिसका फायदा उठाया गया। 

अधिकारियों के मुताबिक, चढ़ावे की सुरक्षा और उसके रिकॉर्ड का प्रबंधन अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है। ऐसे में जांच टीम यह भी जानना चाहती है कि क्या सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के अनुसार पूरी की जा रही थीं या कहीं निगरानी तंत्र में कोई कमी रह गई थी।

चेन्नई जाने से भी उठा सवाल

जांच से जुड़े सूत्रों ने यह भी बताया कि एसआईटी की कार्रवाई शुरू होने से कुछ समय पहले Dr. Anil Mishra आंखों के इलाज के लिए चेन्नई चले गए थे। उनके वापस लौटने के बाद अब उनसे पूछताछ की संभावना और अधिक मजबूत हो गई है। हालांकि इस यात्रा को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है, लेकिन जांच के दौरान सभी गतिविधियों को समयरेखा के आधार पर देखा जा रहा है ताकि Ayodhya Temple Donation मामले में उस दौरान परिस्थितियां क्या थीं, यह स्पष्ट किया जा सके।

पहले भी हो चुकी है अन्य अधिकारियों से पूछताछ 

इस मामले में एसआईटी अब तक कई अहम लोगों से पूछताछ कर चुकी है। ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai और मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव से भी आवश्यक जानकारी ली जा चुकी है। इन सभी बयानों को मिलाकर जांच टीम पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती पूछताछ में कई महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

रिपोर्ट की समयसीमा और आगे की कार्रवाई

प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी को इस मामले में तेजी से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, टीम को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। इस समयसीमा को देखते हुए जांच एजेंसी लगातार सक्रिय है और सभी संबंधित व्यक्तियों से बयान दर्ज किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि Ayodhya Temple Donation से जुड़े मामले में Dr. Anil Mishra से पूछताछ के बाद कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकेगी।

नजरें जांच के निष्कर्ष पर टिकीं 

फिलहाल अयोध्या से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक इस पूरे मामले पर निगाहें बनी हुई हैं। राम मंदिर जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थल से जुड़े इस प्रकरण में हर नई जानकारी को गंभीरता से देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एसआईटी की जांच में क्या नए खुलासे सामने आते हैं और क्या चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की पूरी सच्चाई उजागर हो पाएगी या मामला और भी पेचीदा बनेगा।

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