Veena Vijayan, ED: CMRL Money Laundering मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Kerala के पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी Veena Vijayan से लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ मंगलवार को हुई, जब वह सुबह 10:30 बजे ED कार्यालय में पेश हुईं और रात करीब 8 बजे वहां से बाहर निकलीं। ED कार्यालय के बाहर सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और भारी पुलिस बल तैनात रहा। Veena Vijayanअपनी गाड़ी से उतरकर सीधे कार्यालय के अंदर गईं। पूरे दिन चली इस पूछताछ को मामले की अब तक की महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि एजेंसी कई वित्तीय लेनदेन की परतें खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार, Veena Vijayan को पहले 12 जून को कोच्चि स्थित ED कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा गया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उस समय उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें दस्तावेजों के साथ दोबारा तलब किया था, जो उनकी बंद हो चुकी IT कंपनी से जुड़े थे।
Veena Vijayan, ED: क्या है पूरा मामला? कंपनियों के बीच लेनदेन पर सवाल
CMRL Exalogic Case: यह पूरा मामला Veena Vijayan की बंद हो चुकी IT कंपनी और Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों कंपनियों के बीच ऐसे भुगतान हुए, जिनके बदले में कोई वास्तविक सेवा या स्पष्ट व्यावसायिक काम नहीं हुआ।
ED के अनुसार, CMRL ने वीणा की कंपनी को करीब 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। एजेंसी का दावा है कि यह भुगतान बिना किसी ठोस सेवा के किया गया, जिससे संदेह पैदा होता है कि यह धन किसी अन्य उद्देश्य से स्थानांतरित किया गया हो सकता है।
इसके अलावा, CMRL के प्रबंध निदेशक से जुड़ी एक अन्य Company Empower India Capital Investments Private Limited द्वारा भी वीणा की कंपनी को 50 लाख रुपये का लोन दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह लोन समय पर वापस नहीं किया गया और इसमें भी वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। ED का कहना है कि इन सभी लेनदेन के जरिए अपराध की आय उत्पन्न करने और उसे घुमाने की कोशिश की गई हो सकती है, जिसकी जांच मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत की जा रही है।
जांच की पृष्ठभूमि और एजेंसियों की कार्रवाई
इस मामले की जड़ें उस समय मजबूत हुईं जब गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की एक अदालत में एक अभियोजन शिकायत दायर की थी। इसी शिकायत के आधार पर Veena Vijayan, ED ने Prevention of Money Laundering Act के तहत मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू की।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, CMRL कंपनी पहले से ही निगरानी में थी। जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी के दौरान कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। उस छापे में लगभग 130 करोड़ रुपये के ऐसे खर्चों का पता चला था, जिन्हें संदिग्ध या फर्जी माना गया था।
इसके बाद से ही कंपनी और उससे जुड़े लेनदेन लगातार विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं।
पहले भी समन, आगे और पूछताछ की संभावना
ED ने इस मामले में केवल Veena Vijayan ही नहीं, बल्कि CMRL से जुड़े अन्य प्रमुख लोगों से भी पूछताछ की है। कंपनी के संस्थापक Shashidharan Kartha के परिवार के सदस्यों —उनके बेटे, पत्नी और बेटी से भी अलग-अलग दिनों में सवाल-जवाब किए गए हैं।
जांच एजेंसी का मानना है कि कंपनी और संबंधित फर्मों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला को समझना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धन का प्रवाह किस दिशा में और किस उद्देश्य से हुआ।
Veena Vijayan
को लेकर ED की यह पूछताछ अभी शुरुआती चरण का हिस्सा मानी जा रही है और आने वाले समय में उन्हें फिर से तलब किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
राजनीतिक और कानूनी नजरें टिकीं
यह मामला अब केवल वित्तीय जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार और संबंधित व्यक्तियों पर सवाल उठा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां दस्तावेजों और लेनदेन के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। फिलहाल ED की टीम सभी बैंकिंग रिकॉर्ड, कंपनी दस्तावेज और डिजिटल लेनदेन की जांच में जुटी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि इन लेनदेन के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार की Money Laundering हुई है या नहीं।
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