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Mohan Yadav: UCC बिल इसी सत्र में संभव, NEET व्यवस्था पर सरकार सतर्क

 17 Jun 2026

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बयान सामने आया, जब मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो विधानसभा के वर्तमान सत्र में ही UCC विधेयक पेश कर उसे पारित कराने की तैयारी है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।


मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यवाही से पहले पूर्व मुख्यमंत्री Kailashnath Katju की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर सम्मान प्रकट किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और मौजूदा विधानसभा सत्र में आने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर अपनी बात रखी।

Mohan Yadav: UCC विधेयक को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि Uniform Civil Code का मुद्दा केवल कानूनी या प्रशासनिक विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और समानता से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद अब मध्य प्रदेश भी इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है और यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो मौजूदा विधानसभा सत्र में ही UCC विधेयक को सदन में पेश किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि 'भगवान महाकाल की कृपा रही तो यह विधेयक इसी सत्र में पारित भी हो जाएगा।' उनके इस कथन को राजनीतिक और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार के इस संकेत के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा देखने को मिल सकती है। विपक्ष की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है, क्योंकि UCC हमेशा से एक संवेदनशील और बहस का विषय रहा है।

विधानसभा सत्र में कई अहम प्रस्तावों की तैयारी 

UCC Bill MP: मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल UCC ही नहीं, बल्कि वर्तमान विधानसभा सत्र में सरकार कई अन्य महत्वपूर्ण और समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा और विधेयक लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जनता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए और नीतियों को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाए। 

उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र का उपयोग केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान के मंच के रूप में किया जाना चाहिए। इसी दृष्टि से सरकार विभिन्न विभागों के प्रस्तावों और नीतिगत निर्णयों को सदन में रखने की तैयारी कर रही है।

NEET परीक्षा को लेकर सरकार सतर्क 

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने इस दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर भी राज्य सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार नीट परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन को लेकर पूरी तरह सजग है और केंद्र सरकार के लगातार संपर्क में बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या छात्रों को परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसमें परीक्षार्थियों के आवागमन, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता जैसे सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि छात्रों को परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

छात्रों के हितों पर सरकार की प्राथमिकता 

NEET परीक्षा को लेकर दिए गए बयान में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारु बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि छात्रों का भरोसा प्रणाली पर बना रहे और वे बिना किसी तनाव के अपनी परीक्षा दे सकें।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज

मुख्यमंत्री के UCC विधेयक को लेकर दिए गए संकेतों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। जहां सत्तापक्ष इसे सुधारात्मक और समानता आधारित कदम के रूप में देख रहा है, वहीं विपक्ष इस पर अपनी रणनीति तय करने में जुट सकता है। वहीं दूसरी ओर, NEET परीक्षा की तैयारियों को लेकर सरकार का बयान यह दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर भी राज्य सरकार आगामी समय में किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सक्रिय है।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav के इन बयानों ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस विधानसभा सत्र को काफी महत्वपूर्ण मान रही है और इसमें कई बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर राज्य की नीतियों और सामाजिक ढांचे पर देखने को मिल सकता है।