Pushkar Singh Dhami का सख्त रुख, सड़क पर नमाज़ पर नहीं होगी कोई सहनशीलता

Pushkar Singh Dhami ने प्रदेश में सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में सड़कें किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए अवरोध का माध्यम नहीं बन सकतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान किया जाएगा, लेकिन कानून और व्यवस्था से कोई बड़ा नहीं है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रदेश की शांति और अनुशासन बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


Pushkar Singh Dhami: चारधाम यात्रा में जनता की सुविधा

 

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु प्रदेश में आए हुए हैं। ऐसे में सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार के धार्मिक प्रदर्शन या गतिविधि से आम लोगों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए। पुष्कर सिंह धामी ने कहा, सड़कें आम जनता के लिए हैं, प्रदर्शन या अराजकता के लिए नहीं। जो भी व्यक्ति इसे बाधित करेगा, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

नमाज़ केवल निर्धारित स्थानों पर 

Public Place Namazमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नमाज़ मस्जिद, ईदगाह और अन्य निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ पढ़कर लोगों की परेशानियों और यातायात में बाधा डालना कतई स्वीकार्य नहीं है। धामी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह से स्पष्ट और सख्त है।

कानून का राज सर्वोपरि 

Dhami Strict Directiveमुख्यमंत्री ने दोहराया कि देवभूमि की संस्कृति और कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाने वाले और अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि राज्य में कानून का राज सर्वोपरि है और इसे बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सरकार की नीति पर कोई समझौता नहीं 

CM Pushkar Singh Dhami ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में कोई भी धार्मिक या अन्य गतिविधि कानून और व्यवस्था के उल्लंघन का कारण नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालु और आम जनता बिना किसी बाधा के यात्रा कर सकें। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी शांति, संस्कृति और अनुशासन के लिए जानी जाती है। इसलिए किसी को भी यहां अराजकता फैलाने या कानून को ठेंगा दिखाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अवरोध और प्रदर्शन पर सख्त नजर 

धामी ने यह स्पष्ट किया कि सड़क पर नमाज़ पढ़ने जैसे मामलों में प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका कहना है कि राज्य में कानून का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं और आम जनता की सुविधा सुनिश्चित करना है, न कि किसी धर्म विशेष के खिलाफ कोई कार्रवाई करना। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि सार्वजनिक मार्गों को धार्मिक या राजनीतिक कारणों से बाधित करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कोई रियायत नहीं दी जाएगी।

उत्तराखंड सरकार ने अपने स्पष्ट संदेश के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि देवभूमि में कानून और व्यवस्था बनाए रखना सर्वोपरि है। CM Pushkar Singh Dhami ने न केवल सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाई है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। उनका संदेश है कि राज्य की संस्कृति, शांति और अनुशासन को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, और इसे खतरे में डालने वाले किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।

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