
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में फिर गर्माया जल और बिजली विवाद
जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बीच हाइड्रोपावर परियोजनाओं और बांधों के बंटवारे को लेकर पंजाब और जम्मू-कश्मीर विवाद फिर सामने आया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में कहा कि वह रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी परियोजना को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने अपना मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के 20% हिस्से और प्रभावित परिवारों के मुआवजे की अनदेखी नहीं की जा सकती।
पंजाब और जम्मू-कश्मीर विवाद
पंजाब ने भी अपनी मांग स्पष्ट की है, जिससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर विवाद में नई टकराहट सामने आई है। राज्य ने जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति विभाग को पत्र भेजकर रंजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध परियोजनाओं के निर्माण में बकाया 973.44 करोड़ रुपये की राशि मांगी है। इसमें से 301.02 करोड़ रंजीत सागर बांध और 672.42 करोड़ शाहपुर कंडी परियोजना के लिए शामिल हैं। पंजाब का कहना है कि J-K को मुफ्त बिजली तभी मिलेगी जब वह इन परियोजनाओं में आर्थिक योगदान देगा।
परियोजनाओं का महत्व
शाहपुर कंडी बांध रंजीत सागर परियोजना का डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट है, और रणजीत सागर बांध पर उमर अब्दुल्ला का बयान दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। बिजली-बंटवारे और वित्तीय जिम्मेदारियों को लेकर पूर्व में समझौते हुए थे, लेकिन आज भी विवाद हल नहीं हुआ है।
1979 का समझौता
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 1979 का समझौता एक संप्रभु समझौता है, जिसे पूरी निष्ठा और भावना के साथ लागू किया जाना चाहिए। इसके अनुसार, J-K को रंजीत सागर और शाहपुर कंडी परियोजनाओं से पैदा होने वाली कुल बिजली का 20% हिस्सा बस बार लागत पर मिलेगा। प्रभावित परिवारों को मुआवजा और रोजगार भी देने का प्रावधान है।
2019 में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन और J-K पावर कॉर्पोरेशन के बीच बिजली बिक्री का समझौता हुआ था, लेकिन ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण अभी J-K को कोई बिजली नहीं मिल रही है। अस्थायी टैरिफ 3.5 रुपये प्रति kWh निर्धारित किया गया है।
मुआवजे की स्थिति
परियोजना से प्रभावित 800 से अधिक परिवारों को कुल 85.48 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया। पंजाब सरकार ने 71.15 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं, जबकि 14.32 करोड़ रुपये की राशि अब भी बकाया है।
जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बीच यह विवाद अब सीधे नेताओं के बीच वार्ता का विषय बन गया है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि 1979 के समझौते की मूल भावना के अनुसार J-K के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
Read This Also:- जयशंकर की राजनयिक वार्ता: इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया से की बात
Read This Also:- जयशंकर की राजनयिक वार्ता: इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया से की बात
For all the political updates download our Molitics App :
Click here to Download










