LPG सप्लाई में राहत: प्रवासी श्रमिकों के लिए अलॉटमेंट बढ़ा

ईरान में जारी युद्ध ने वैश्विक तेल और गैस सप्लाई को प्रभावित किया है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। होर्मुज की खाड़ी में भारतीय गैस टैंकर फंसे होने के कारण एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। इसके साथ ही पैनिक खरीदारी और कालाबाजारी की घटनाओं से आम लोगों और प्रवासी मजदूरों के लिए समस्या और गंभीर हो गई है, लेकिन हाल ही में प्रवासी श्रमिकों के लिए LPG अलॉटमेंट बढ़ा देने से उनकी मुश्किलें कम हुई हैं।


प्रवासी श्रमिकों के लिए LPG बढ़ा

इन परिस्थितियों में केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए LPG अलॉटमेंट बढ़ा देते हुए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर का अलॉटमेंट दोगुना कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 6 अप्रैल को घोषणा की कि 2-3 मार्च के दौरान दी गई औसत सप्लाई के आधार पर प्रवासी मजदूरों को मिलने वाले सिलेंडरों की मात्रा अब दोगुनी कर दी जाएगी। ये सिलेंडर राज्य सरकार और फूड/सिविल सप्लाई विभाग के माध्यम से ही अपने राज्य में मजदूरों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

सप्लाई और वितरण का तरीका
 

सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हर राज्य में उपलब्ध 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की रोजाना सप्लाई अब औसत 2-3 मार्च 2026 की संख्या के आधार पर दोगुनी होगी। इसका मतलब यह है कि भारत में गैस सिलेंडर की कमी अब प्रवासी मजदूरों और आम लोगों के लिए चिंता का विषय नहीं रहेगी और उन्हें ब्लैक मार्केट या महंगे दामों से बचने का अवसर मिलेगा।

औद्योगिक और रेस्टोरेंट सपोर्ट 

सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के अलॉटमेंट को भी बढ़ाया है। टेक्सटाइल और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को प्रायोरिटी देते हुए कमर्शियल एलपीजी का वितरण 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन और कम्युनिटी किचन जैसे आउटलेट्स को 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की प्राथमिकता दी जाएगी।

माइग्रेंट वर्कर्स की राहत 

तेल मंत्रालय ने बताया कि अब तक लगभग 6.75 लाख 5 किलो वाले FTL सिलेंडर प्रवासी मजदूरों को सप्लाई किए जा चुके हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि राज्यों और कंपनियों के सहयोग से टारगेटेड डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे माइग्रेंट मजदूरों की एलपीजी सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी और उनकी दैनिक जरूरतें पूरी होंगी।

स्थिति और भविष्य 

हालांकि वैश्विक स्थिति अभी तनावपूर्ण है, भारत में एलपीजी की सप्लाई स्थिर बनी हुई है। सरकार के यह कदम न केवल प्रवासी मजदूरों की मुश्किलें कम करेंगे बल्कि अफवाहों और कालाबाजारी से होने वाले असर को भी घटाएंगे।

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