
ईरान-अमेरिका युद्ध: भारत का LPG टैंकर ग्रीन सान्वी सुरक्षित
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत आया है, भारत का LPG टैंकर ग्रीन सान्वी सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है। यह टैंकर लगभग 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंबई की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह 6 अप्रैल तक मुंबई पोर्ट पर पहुँच जाएगा। मार्च के महीने में यह सातवां भारतीय जहाज है, जो फारस की खाड़ी से सुरक्षित निकलने में सफल रहा है।
भारत का LPG टैंकर सुरक्षित
टैंकर में लदी एलपीजी की मात्रा भारत की आधे दिन की खपत के बराबर है, और भारत का LPG टैंकर ग्रीन सान्वी सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है। पश्चिम एशिया युद्ध के कारण एलपीजी आपूर्ति पर असर पड़ा है और खपत सामान्य से कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दो और भारतीय एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम भी होर्मुज स्ट्रेट पार करके भारत पहुँच सकते हैं।
ट्रैकिंग और सुरक्षित मार्ग
ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ग्रीन सान्वी फारस की खाड़ी में ईरान के समुद्री इलाके से होकर होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में पहुंचा, जो भारत में एलपीजी आपूर्ति संकट 2026 के बीच एक राहत भरी खबर है। जहाज ने भारत का झंडा और भारतीय नाविक होने का संकेत ब्रॉडकास्ट किया, ताकि ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल सुनिश्चित हो सके। भारत के जहाजों को इस संकरे जलमार्ग में सुरक्षित पार करने के लिए भारतीय नौसेना ने भी एस्कॉर्ट उपलब्ध कराई है।
ईरान अनुमति और होर्मुज का महत्व
ईरान ने हाल ही में कहा था कि केवल मित्र देशों के जहाज ही होर्मुज पार कर सकते हैं। इसके तहत चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को विशेष अनुमति दी गई है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है।
पिछले टैंकर और भविष्य की उम्मीदें
पिछले सप्ताह दो भारतीय एलपीजी टैंकर, जग वसंत और पाइन गैस, क्रमशः कांडला और न्यू मंगलौर में एलपीजी डिलीवर कर चुके हैं। वहीं, ग्रीन आशा और जग विक्रम अभी भी स्ट्रेट पार करने के लिए तैयार हैं और भारतीय नौसेना के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
युद्ध के बीच लॉजिस्टिक चुनौती
ईरान और अमेरिका के युद्ध के कारण 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट बंद था। इस बीच भारत लगातार अपने फंसे जहाजों को सुरक्षित लाने के प्रयास कर रहा है। एलपीजी कैरियर BW TYR पहले ही मुंबई पहुँच चुका है और शिप-टू-शिप ऑपरेशन के जरिए कार्गो उतारा जा चुका है।
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