
विक्रम मिसरी की UK बैठक में होर्मुज सुरक्षा पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हाल के दिनों में हुई लगातार बातचीत के बाद भारतीय ध्वज वाले छह जहाज होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि भारत संबंधित पक्षों के संपर्क में लगातार बना हुआ है, जबकि विक्रम मिसरी की UK बैठक में भी वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
विक्रम मिसरी की UK बैठक
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा नाकेबंदी के बीच ब्रिटेन में लगभग 30 देशों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने डिजिटल माध्यम से भाग लिया। और विक्रम मिसरी की यूके बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर चर्चा करना था। इस दौरान वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर संभावित असर और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कदमों पर विचार किया गया।
भारत की स्पष्ट नीति
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक परिवहन के पक्षधर हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री सुरक्षा का समर्थन करते हैं। वहीं भारत-ब्रिटेन होर्मुज वार्ता के दौरान भी सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
तेल और गैस आपूर्ति पर असर
ईरान द्वारा इस संकरे जलमार्ग को आंशिक रूप से अवरुद्ध करने से वैश्विक तेल और एलएनजी की कीमतों में उछाल आया है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है, इसलिए इस मार्ग में किसी भी व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
संवाद और कूटनीतिक प्रयास
रणधीर जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन ने कई देशों को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। मिसरी ने इसमें भाग लेकर ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत में शामिल होकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि भारतीय जहाज एलपीजी और एलएनजी सहित अन्य वस्तुएं सुरक्षित रूप से ले जा सकें।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर नजर
भारत पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष की घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहा है। वैश्विक स्तर पर होर्मुज स्ट्रेट से वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन में व्यवधान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। कई प्रमुख देश जलमार्ग को पूरी तरह से खोलने के लिए दबाव डाल रहे हैं, जबकि ईरान ने अपने मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है।
बैठक में प्रमुख मुद्दे
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में निर्बाध आवाजाही
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर संभावित खतरे
तेल और गैस आपूर्ति और शिपिंग रूट्स पर जोखिम
भारतीय नाविकों की सुरक्षा और पूर्व में हुए हमलों के मामलों पर चिंता
क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक संवाद को प्राथमिकता
भारत ने बैठक के दौरान सभी पक्षों से शांति और बातचीत के रास्ते अपनाने का आग्रह किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को भी बनाए रखना है।
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