
Congress CM race: तीन नेता आगे, फैसला आलाकमान करेगा
Congress CM race: केरल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन राज्य के अगले मुख्यमंत्री का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। 10 साल बाद कांग्रेस की अगुवाई वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सत्ता में लौटा है, लेकिन नए सरकार गठन की प्रक्रिया अभी जारी है, इस पूरी प्रक्रिया में राज्य में होने वाली कांग्रेस मुख्यमंत्री पद की दौड़ का परिणाम तय करेगा कि कौन नेतृत्व संभालेगा।
पार्टी आलाकमान के सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री का चयन तीन मुख्य फैक्टर्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इन फैक्टर्स में विधायकों की राय, सहयोगी दलों का विचार और जनता में लोकप्रियता शामिल हैं।
तीन दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में
Congress CM race: राज्य में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन प्रमुख कांग्रेस नेता सबसे आगे चल रहे हैं:
के. सी. वेणुगोपाल
रमेश चेनिथला
वी. डी. सतीशन
सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान फाइनल नाम तय करने के बाद इन तीनों नेताओं को पहले फोन पर इस फैसले की जानकारी देगा। यदि सभी नेता सहमत हो जाते हैं, तो तुरंत ही मुख्यमंत्री का ऐलान किया जाएगा, जो इस बार की कांग्रेस मुख्यमंत्री पद की दौड़ को तय करेगा।
लेकिन यदि इनमें से कोई नेता नाम को लेकर सहमत नहीं होता है, तो उन्हें दिल्ली बुलाया जाएगा और मनाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद ही अंतिम निर्णय की घोषणा होगी।
कांग्रेस के फैसले में सहयोगियों की राय का महत्व
Congress CM race: हालांकि मुख्यमंत्री पद को लेकर राज्य में गठबंधन सहयोगियों की अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस अपने निर्णय पर अकेले फैसला करेगी। यह स्पष्ट संकेत है कि अंततः मुख्यमंत्री का चयन पार्टी आलाकमान की पसंद के अनुसार होगा, और इसी प्रक्रिया में राज्य की कांग्रेस मुख्यमंत्री पद की दौड़ तय होगी।
कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि सहयोगियों की राय को ध्यान में रखा जाएगा, लेकिन वह निर्णायक नहीं होगी। पार्टी मुख्यतः तीन फैक्टर्स, विधायकों की राय, सहयोगियों की प्रतिक्रिया और जनता की लोकप्रियता को ध्यान में रखकर फैसला करेगी।
विधायकों और पर्यवेक्षकों की भूमिका
UDF MLA race: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक अजय माकन ने कहा कि विधायकों ने पार्टी आलाकमान को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दिया है। इसके लिए विधायकों ने एक प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने कहा: विधायकों की अलग-अलग राय को संकलित करके रिपोर्ट तैयार की गई है और इसे कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश खरगे को सौंप दिया जाएगा।
इसके पहले, कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने गुरुवार को पार्टी के विधायकों और गठबंधन सहयोगियों के साथ बैठकें की थीं। इन बैठकों में उन्होंने विधायकों की व्यक्तिगत राय भी जानी ताकि नेतृत्व के मुद्दे पर गहन जानकारी मिल सके।
तीन फैक्टर्स पर रहेगा निर्णय का आधार
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस तीन मुख्य फैक्टर्स के आधार पर निर्णय करेगी:
विधायकों की राय – यह सबसे निर्णायक फैक्टर माना जा रहा है। पार्टी विधायक दल (CLP) ने मुख्यमंत्री चयन का अधिकार आलाकमान को सौंप दिया है।
गठबंधन सहयोगियों की प्रतिक्रिया – सहयोगियों की राय को सुना जाएगा, लेकिन अंतिम निर्णय में उसका प्रभाव सीमित होगा।
जनता की लोकप्रियता – पार्टी आम जनता में नेताओं की स्वीकार्यता और लोकप्रियता का भी मूल्यांकन करेगी।
इन फैक्टर्स के आधार पर ही तीन दिग्गज नेताओं, वेणुगोपाल, चेनिथला और सतीशन में से किसी एक को मुख्यमंत्री चुना जाएगा।
अगला कदम: आलाकमान का फैसला
Kerala political factors: सूत्रों का कहना है कि अंतिम नाम तय होने के बाद ही पार्टी आलाकमान फोन या व्यक्तिगत रूप से नेताओं को सूचित करेगा। यदि तीनों नेता फाइनल नाम पर सहमत हो जाते हैं, तो तुरंत मुख्यमंत्री का ऐलान किया जाएगा।
अगर कोई भी नेता नाम से असहमत रहता है, तो उन्हें दिल्ली बुलाया जाएगा और मनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम निर्णय की घोषणा होगी।
केरल में कांग्रेस की यह प्रक्रिया दर्शाती है कि पार्टी आलाकमान सत्ता में वापसी के बाद भी अपने निर्णय में पूरी तरह केंद्रित और नियंत्रित है। विधायकों और सहयोगियों की राय को ध्यान में रखा जाएगा, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान की प्राथमिकताओं के अनुसार होगा।
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही केरल के अगले मुख्यमंत्री का नाम जनता के सामने आएगा। फिलहाल, तीन बड़े नेता- के. सी. वेणुगोपाल, रमेश चेनिथला और वी. डी. सतीशन, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बने हुए हैं।
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