
ED ने बंगाल में पूर्व मंत्री के आवास पर की बड़ी छापेमारी
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर से सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें ED ने बंगाल में पूर्व मंत्री के आवास पर की बड़ी छापेमारी भी शामिल है। जबकि दूसरा स्थान प्रसन्न कुमार रॉय के कार्यालय का है। प्रसन्न कुमार रॉय फिलहाल जेल में बंद हैं।
ED ने पूर्व मंत्री के आवास पर छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई प्राथमिक और सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े कथित घोटालों की जांच के सिलसिले में की जा रही है, जिसमें ED ने बंगाल में पूर्व मंत्री के आवास पर की बड़ी छापेमारी भी शामिल है। ED की टीम दोनों ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य अहम सबूतों की तलाश में जुटी हुई है। एजेंसी का अनुमान है कि इस छापेमारी से मामले के कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
क्यों ED ने अब कदम उठाया
जानकारी के अनुसार, पार्थ चटर्जी को पहले भी जांच में शामिल होने के लिए कई बार समन भेजा गया था। SSC घोटाले से जुड़े मामलों में उन्हें जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए तीन बार बुलाया गया, लेकिन वह कभी हाजिर नहीं हुए। इसी कारण ED ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे छापेमारी का निर्णय लिया है, और इसी क्रम में ED टीएमसी नेता से पूछताछ तथा पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी राजनीतिक चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है।
पार्थ के खिलाफ आरोपों का दायरा
पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें फरवरी-मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली। इसके बावजूद उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।
ED के मुताबिक, पार्थ चटर्जी कई भर्ती घोटालों में जांच के दायरे में हैं। इनमें SSC असिस्टेंट टीचर भर्ती, SSC ग्रुप C और D स्टाफ भर्ती जैसी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेन-देन की जांच शामिल है।
जांच में आगे की कार्रवाई
इस ताज़ा छापेमारी को एजेंसी की बड़ी और निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि ED अब मामले को और तेजी से आगे बढ़ा रही है और जल्द ही नए सबूतों और खुलासों का सामना कर सकती है। फिलहाल जांच जारी है और भविष्य में छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
पार्थ चटर्जी टीएमसी सुप्रीम और ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते थे। बंगाल चुनाव के बीच इस प्रकार की कार्रवाई राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
For all the political updates download our Molitics App :
Click here to Download










