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जी न्यूज के सुधीर चौधरी के 28 सहकर्मी मिले कोरोना संक्रमित, लोग प्रार्थना के बजाय ट्रोल क्यों कर रहे?

 20 May 2020

देश की बड़ी मीडिया कंपनी जी न्यूज इन दिनों चर्चा में है, चर्चा में रहने का कारण कोरोना संक्रमण है, जी न्यूज कोरोना की कवरेज को लेकर नहीं बल्कि इस महामारी से संक्रमित होने को लेकर चर्चा में है। 15 मई को जी न्यूज में काम करने वाले एक कर्मचारी में कोरोना की पुष्टि हुई जिसके बाद बाकी और लोगों की जांच हुई तो 28 लोग इस महामारी से ग्रसित मिले। 

 

कोरोना के तमाम मामलों के बीच जी मीडिया में मिले केस को भी एक सामान्य घटना की तरह लेना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ, सोशल मीडिया पर जी न्यूज का मजाक उड़ाया जाने लगा। ‘जानवरों को हुआ कोरोना’, ‘जी जमाती’ जैसे तमाम शब्द प्रयोग किए जाने लगे, ऐसा नहीं कि सबने ऐसा किया। तमाम ऐसे भी लोग हैं जिन्होने जी के संक्रमित कर्मचारियों के जल्द स्वास्थ्य होने की कामना की, एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने भी पत्रकारों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

 

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कोरोना संकट के बीच भी जी न्यूज के ट्रोल होने के पीछे उसका ही कृत्य है, निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज का मामला सामने आने के बाद जी के एडीटर सुधीर चौधरी ने लगातार शो किए, जमातियों की आड़ में सुधीर ने पूरी मुस्लिम कम्युनिटी पर सवाल खड़े कर दिए. नतीजा ये हुआ कि समाज में मुस्लिम दुकानदारों को शक की नजर से देखा जाने लगा, उनका समाजिक बहिष्कार शुरु हो गया और तो और कई जगह बुरी तरह से पिटाई की गई।

 

पत्रकारिता का मूल सरकार से सवाल पूछना होता है लेकिन जी के डीएनए में ये है ही नहीं, उसे सरकार की चटुकारिता करनी है, देश में कोरोना संकट के बीच जब सरकार से उसकी तैयारियों को लेकर सवाल पूछने थे तब सुधीर चौधरी की टीम ‘कोरोना की मौत मरेगा पाकिस्तान’ जैसे फालतू और वाहियात कार्यक्रम कर रही थी। विपक्ष ने पैदल जाते मजदूरों की आवाज उठाई तो जी न्यूज के ही एंकर राजनीति न करने की सलाह दे रहे थे.

 

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वर्तमान मामले पर दोबारा लौटे तो पाएंगे की सुधीर चौधरी ने आपराधिक लापरवाही की है, 3 मई को जब लॉकडाउन 3.0 के तहत गृह मंत्रालय ने 33 फीसदी कर्मचारियों के साथ दफ्तर खोलने की अनुमति दी तो सुधीर ने संस्थान से जुड़े सभी कर्मचारियों को दफ्तर में आकर काम करने का आदेश दिया। दुनिया को कोरोना से बचाने की समझाइस देने वाले सुधीर चौधरी की लापरवाही से ऑफिस के 28 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं, अभी कई और लोगों की जांच होनी बाकी है.

 

 जी मीडिया दावा कर रहा है कि वह अपने सभी कर्मचारियों के साथ है लेकिन न्यूजलॉड्री वेबसाइट के अनुसार जिस व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि सबसे पहले हुई उसने खुद अपने खर्च पर जांच करवाई थी, उसे काफी वक्त से खांसी जुकाम बुखार की शिकायत थी लेकिन लगातार ऑफिस बुलाया जाता रहा। संक्रमित लोगों में एक कर्मचारी अपनी मां के साथ रहता है उनकी जांच भी जरूरी है लेकिन जी न्यूज ने इससे पल्ला झाड़ते हुए कहा वह अपना खुद से देखें, हम मदद नहीं कर सकते हैं। 

 

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बाकी रही बात सोशल मीडिया पर ट्रोल की तो ये जी न्यूज के कृत्यों का नतीजा है, हालांकि इसे किसी भी तरह से जस्टिफाई नहीं किया जा सकता। हम संक्रमित कर्मचारियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। बाकी पत्रकारों के लिए ये वक्त बेहद कठिन है। इस वक्त बहादुरी का मतलब सुरक्षा और सावधानी से है, इससे किसी भी प्रकार का समझौता हमें मंहगा पड़ सकता है।