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CyberCrime: नए साल पर कुछ प्लानिंग करने से पहले हो जाए सावधान, ठगी का नया पैंतरा चर्चा में

 09 Jun 2026

साइबर अपराधियों ने अब नए तरीकों से लोगों को ठगने की राह पकड़ ली है। नए साल के अवसर पर ठगों ने अपने शिकारों को निशाना बनाने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाए हैं। अब अपराधी लोग विभिन्न तरीकों से ठगी कर रहे हैं, जिसमें पार्टी बुकिंग से लेकर बेहतर इलाज के ऑफर देने तक की घटनाएं शामिल हैं। ये ठग कभी किसी से शॉपिंग के कूपन, शादी के कार्ड, तो कभी नई नौकरी के ऑफर और न्यू ईयर की शुभकामनाओं के रूप में मैसेज भेजकर लोगों को बहकाते हैं। लोग इन संदेशों को शुभकामनाएं समझकर खोले लेते हैं और लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खातों से पैसे गायब हो जाते हैं। अधिकतर मामलों में लोगों को इस ठगी का एहसास तब होता है जब बहुत देर हो चुकी होती है।

साइबर ठगों ने अब डार्क वेब से डेटा निकालने का तरीका अपनाया है, और अब व्यक्तिगत रूप से लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इन अपराधियों ने एक नया तरीका भी इजात किया है, जिसमें गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को बेहतर इलाज का ऑफर देकर उनसे पैसे ऐंठे जाते हैं। इस प्रकार ठग लोग इलाज की उम्मीद दिखाकर लोगों से बड़ी रकम ले लेते हैं, और लोग इस बारे में कुछ भी महसूस किए बिना ठगी का शिकार हो जाते हैं। अब ये ठग अनजान नंबरों से लिंक भेजते हैं जो कभी शादी के कार्ड, कभी ऑनलाइन शॉपिंग के कूपन के बारे में होते हैं, और अब न्यू ईयर की शुभकामनाएं और आकर्षक ऑफर्स के नाम पर भी धोखाधड़ी की जा रही है। इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता है और ठग लोग बिना किसी परेशानी के खातों से पैसे निकाल लेते हैं।

साइबर अपराधी किसी एक व्यक्ति से पूरी रकम एक ही खाते में ट्रांसफर नहीं करते। वे रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में कई अलग-अलग खातों में भेजते हैं ताकि उनकी पहचान आसानी से न हो सके। कभी ठग लोग डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लोगों से पैसे वसूल करते हैं, तो कभी उनका फोन हैक करके सीधे बैंक खाते से रकम निकालते हैं।

बचाव के उपाय: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अगर आपको कोई संदेश मिलता है, चाहे वह किसी अनजान नंबर से हो या किसी अप्रत्याशित ऑफर के साथ, तो उस पर क्लिक करने से बचें। इन लिंक के जरिए आपकी जानकारी चोरी हो सकती है। ओटीपी का आदान-प्रदान न करें।, साइबर ठग कभी भी आपको ओटीपी मांगने के बहाने फोन कर सकते हैं। ऐसी किसी भी कॉल पर ध्यान न दें और ओटीपी कभी किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट से बचें, कई बार ठग गलत मामलों में फंसाने का झांसा देते हैं और कहते हैं कि पैसे देने से मामला सुलझ जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी तरह के डर या घबराहट में आने की बजाय, कॉल काट कर परिवार, दोस्तों और पुलिस से संपर्क करें। अनजान वीडियो कॉल से बचें।, साइबर ठग अब सेक्सटॉर्शन के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने लगे हैं। वे एक सेकेंड की वीडियो कॉल से आपके चेहरे की तस्वीर लेकर उसे एआई की मदद से अश्लील वीडियो में जोड़कर ब्लैकमेल कर सकते हैं। ऐसे किसी भी अनजान वीडियो कॉल का जवाब न दें और उसे तुरंत काट दें।

अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत करें। अपनी ठगी हुई रकम को फ्रीज करने के प्रयास करें ताकि ठग उस पैसे को अपने अकाउंट में न ट्रांसफर कर सकें। इसके अलावा, किसी भी साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस के साइबर क्राइम सेल से भी संपर्क किया जा सकता है, जो इस प्रकार के मामलों की जांच करता है और ठगों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इसके अतिरिक्त, लोगों को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन ऑफर, लिंक या अनजान नंबर से संपर्क करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त कर लें।